करवा चौथ के उपलक्ष में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन, छात्राओं के अंदर छिपी रचनात्मकता को बाहर निकलना मुख्य उद्देश्य– डॉ नीतू गुप्ता

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चमन लाल महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा करवा चौथ के उपलक्ष में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ नीतू गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के अंदर छिपी रचनात्मकता को बाहर निकलना है तथा साथ ही उनमें अपने कार्य के प्रति आत्मविश्वास पैदा करना मुख्य उद्देश्य रहता है। बहुत सी छात्राएं बहुत कुछ जानते हुए भी अपनी प्रतिभा को प्रकट नहीं कर पाती हैं पर जब इस तरह की छोटी-छोटी प्रतियोगिताओं में उनको प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया जाता है तो उनके अंदर छिपी प्रतिभाओं की जानकारी प्राप्त होती है। और उन्हें इस क्षेत्र में अपने स्वरोजगार को स्थापित करने में भी मदद मिलती है। गृह विज्ञान विभाग प्रत्येक वर्ष इस प्रकार के प्रतियोगिताएं आयोजित करता रहा है और इस प्रतियोगिता के माध्यम से भी छात्राओं को उनके कार्य के लिए भुगतान किया जाता है ।सभी शिक्षिकाएं प्रतियोगिता में प्रतिभाग भी करती हैं और छात्राओं का मनोबल बढ़ाकर उनको प्रमाण पत्र और पुरस्कार तो दिए ही जाते हैं साथ ही उनकी मेहनत का भुगतान भी किया जाता है। इस प्रतियोगिता में विभाग के अध्यक्ष डॉ नीतू गुप्ता ने बताया कि हम प्रत्येक वर्ष छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराते हैं साथ हीप्रतियोगिता के अलावा छात्रों के अंदर छुपी प्रतिभा को निकालने के लिए उन्हें विभिन्न स्थानों पर मेहंदी लगाने के ऑर्डर भी दिए जाते हैं जो कि उनको स्वरोजगार को बढ़ावा देने का एक माध्यम है। और इन्हीं छात्रों को आगे बढ़ते देखकर वे छात्राएं जो सामने नहीं आना चाहती थी। वह भी प्रतियोगिता में प्रतिभा करने लगते हैं। महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री राम कुमार शर्मा जी एवं प्राचार्य डॉ सुशील उपाध्याय ने सभी छात्राओं को बधाई दी और विभाग को इस प्रकार के प्रतियोगिताएं करते रहने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता में पूनम, पुत्री ज्ञानू सिंह, बीएससी होम साइंस प्रथम सेमेस्टर ने प्रथम स्थान, जैनब पुत्री नफीस बी ए थर्ड सेमेस्टर ने द्वितीय स्थान तथा नेहा, पुत्री असलम बीए थर्ड सेमेस्टर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा दीपांशी एवं निकिता एम ए होम साइंस, तृतीय सेमेस्टर ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। निर्णायक की भूमिका में डॉक्टर अनीता शर्मा तथा डॉक्टर मीरा चौरसिया रही। विभाग की प्रयोगशाला सहायक डॉक्टर रीना गुप्ता का भी विशेष सहयोग रहा।

 

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